how to get home loan

होम लोन कैसे ले? होम लोन पाने के नियम जानो और आसानी से अपना घर बनाओ.

“होम लोन के लिए अब और कितने चक्कर काटने हैं?” हर कोई परेशान आदमी यही कहता नजर आता हैं. लेकिन अब चक्कर काटने की जरुरत नहीं क्योंकि आज हम बताने वाले हैं: होम लोन कैसे ले? होम लोन के नियम क्या होते हैं? और यह आर्टिकल पढ़कर आपको होम लोन लेने की प्रोसीजर आसानीसे समझ आएगी.

हर किसी का  एक सपना होता हैं कि खुद का एक घर हो और सिर्फ घर होना ही काफी नहीं हैं पर घर अच्छा भी हो. लेकिन अपने इनकम में अच्छा घर बनाना अब बहुत मुश्किल काम हो गया हैं. इस समस्या पर बैंक द्वारा होम लोन (Home loan/Housing Loan) लेना ही सबसे  बेहतर तरीका होता हैं. लेकिन अभी भी हमारे देश में बैंक और चक्कर काटना ये बातें आम हैं. पर दोस्तों मुझे लगता हैं कि अगर आपको लोन लेने का सही तरीका पता हैं, आप जो लोन लेने जा रहे हो उसका प्रोसीजर पता हैं तो आपका काम आसानी से हो जायेगा. चलिए करते हैं आपका काम आसान… आज इस आर्टिकल में मैं आपको होम लोन कैसे ले यह बताऊंगा.

यह बहुत बड़ा टॉपिक हैं इसलिए आज के इस आर्टिकल में, अगर आपको घर खरीदना हैं तो लोन किस प्रकार लिया जाता हैं यह देखंगे. बैंक द्वारा construction and repairs के लिए भी लोन दिया जाता हैं उसे हम अगले आर्टिकल में देखेंगे.

होम लोन लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज़: (Imporatant Documents)

होम लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़होम लोन पाने की यह सबसे पहली स्टेप हैं. अगर आप बैंक को उचित डाक्यूमेंट्स देने में असमर्थ होते हो तो संभावना हैं कि आपका लोन प्रपोजल रिजेक्ट हो जाये. बिना सोचे समझे होम लोन लेने के लिए अगर आप बैंक जाते हो तो दुसरे शब्दों में आप अपनी मुश्किलें खुद ही बढ़ा लेते हो. दोस्तों होम लोन लेने के लिए कुछ दस्तावेज़ अपने साथ लेकर बैंक जाना ही बेहतर हैं. देखते  हैं आपको पहले visit में बैंक में क्या लेकर जाना हैं:

  1. पैन कार्ड (Pan Card)
  2. आधार कार्ड (Aadhar Card)
  3. मतदाता कार्ड (Voter ID)
  4. राशनकार्ड (Ration Card)
  5. आपके इनकम टैक्स रिटर्न्स / इनकम सर्टिफिकेट / आपके पिछले ६ महीने के पगार पत्र
  6. अचल संपति के पेपर्स ( अगर यह क्या होते हैं आपको पता नहीं तो यहाँ क्लीक कीजिये)

यह केवल आपके प्राइमरी पेपर्स हैं, बैंक से आपको इससे जादा पेपर्स मांगे जायेंगे. लेकिन अभी उस बात की चिंता करने की जरुरत नहीं. ऊपर बताये दस्तावेज़ में No.1 से 4 तक के पेपर्स को KYC डाक्यूमेंट्स कहा जाता हैं. अगर आपके पास इन चारों में से कोई एक पेपर नहीं हैं तो भी यह बड़ी बात नहीं हैं. KYC डाक्यूमेंट्स में क्या क्या पेपर्स बैंक में लिए जाते हैं? यह आप यहाँ क्लीक करके पढ़ सकते हैं.

आपके ये सब पेपर्स तैयार  हैं? तो फिर हमें आगे बढ़ना चाहिए.

आवेदन पत्र और संबंधित कागजाद:

हाउसिंग लोन कैसे लेआप आवश्यक पेपर्स लेकर बैंक पहुँच जाते हैं. अब आपको बैंक में मैनेजेर या लोन ऑफिसर से मिलना हैं. आपकी यह मुलाकात काफी अनोपचारिक होगी लेकिन आपको यह खयाल रखना हैं कि यही मुलाकात आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होनेवाली हैं. आपको केवल बैंक में पेपर्स लेकर जाना नहीं हैं, आपको इसके साथ कुछ सवालोंके जवाब भी सोचकर जाना हैं. कभी कभी आपके पहले मुलाकात में दिए गए कुछ संदिग्ध जवाब भी आपका लोन प्रपोजल स्वीकृत होने में बाधा ला सकता हैं. घर खरीदने की योजना आप जितने आत्मविश्वास से लोन ऑफिसर के सामने रखते हो उतनी आप लोन प्रपोजल स्वीकृत होने की संभावना बढ़ाते हो. आपके द्वारा छुपाई गई कोई जानकारी या संदिग्ध जवाब आपके इंटिग्रिटी पर सवाल उठाती हैं

आपके इस अनोपचारिक मुलाकात के बाद आपको बैंक से आवेदन पत्र और उसीसे संबंधित कुछ फोरमट्स दिए जायेंगे जिसे आपको अच्छी तरह से भरना हैं. इस आवेदन पत्र के साथ जरुरी कागजाद, पेपर्स की चेक लिस्ट दी जाती हैं. आपको आपके पेपर्स इस चेकलिस्ट के नुसार इकठ्ठा करना हैं.

इन पेपर्स में कुछ पेपर्स सरकारी दफ्तरोंसे हासिल करने होते हैं इसीलिए आपको इन्हें प्राप्त करने के लिए कुछ दिन लग सकते हैं. लोन ऑफिसर से किये गए चर्चा के अंत में आप आपके अगले visit की तारीख भी निश्चित कर सकते हैं.how to get bank loan

बैंक द्वारा मिले आवेदन पत्र और फोर्मट्स को आपको सही तरीके से भरना हैं. आवेदन पत्र के साथ आई चेकलिस्ट के साथ आपको मांगे गए दस्तावेज़ जोड़ना हैं. जब आपका सब तैयार हैं तो आपको अगला कदम लेना हैं. यह हुई आपकी बैंक में दूसरी visit!

सर्च रिपोर्ट और लीगल ओपिनियन

search report and legal opinionजैसे हि आप अपना प्रपोजल लोन ऑफिसर को सोपतें हो इसका अगला कदम होता हैं वकील द्वारा सर्च रिपोर्ट और लीगल ओपिनियन प्राप्त करना. वैसे इस स्टेप को आप बैंक का अंतर्गत कार्य कह सकते हैं लेकिन इस बारे में आपको प्राथमिक ज्ञान होना चाहिए. बैंक के पैनल पर कुछ वकीलों को नियुक्त किया जाता हैं जो बैंक के लिए वैधानिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं. आप जो घर खरीदने जा रहे हो वह वैधानिक दृष्टी से सुरक्षित है या नहीं इस बात की जाँच इनके द्वारा की जाती हैं. इस प्रोसेस में वकील द्वारा आपको कुछ और पेपर्स भी मांगे जा सकते हैं.

इस स्टेप के अंत में आपका सर्च और लीगल ओपिनियन रिपोर्ट पूरा हो जाता हैं. वकील द्वारा यह रिपोर्ट बैंक पहुँच जाता हैं. इसके बाद आपके प्रपोसल पर मूल्याकन अस्पेक्ट्स से विचार किया जाता हैं. वकील के इस कार्य की फीस कुछ बैंकोंमें लोन होने के बाद लोन अकाउंट से देने का प्रावधान होता हैं लेकिन कुछ बैंक अपने कस्टमर को यह फीस तुरंत देने के लिए भी कह सकती हैं.

इंजिनियर वैल्यूएशन रिपोर्ट:

engineer valuationआपके प्रॉपर्टी के पेपर्स, जिसे आप खरीदने जा रहे हो वह मूल्याकन हेतु इंजिनियर को सोपे जाते हैं. पैनल पर जिस प्रकार वकील होते हैं उसी प्रकार मूल्याकन- जाँच हेतु मान्यता प्राप्त इंजिनियर भी होते हैं. इंजिनियर किसी एक निश्चित दिन आपके प्रॉपर्टी को visit करके मूल्याकन रिपोर्ट बनाएगा. यह स्टेप भी बैंक के अंतर्गत कार्य का एक भाग हैं. यही वैल्यूएशन रिपोर्ट के आधार पर लोन अमाउंट निश्चित किया जाता हैं.

आपके जैसे ही दोनों रिपोर्ट बैंक पहुँच जाते हैं उस प्रपोजल पर प्रोसेस करना शुरू हो जाता हैं. इस स्टेप को पूरा होने में तिन चार दिनसे कुछ हफ्तों का समय लग सकता हैं. इस अवधि दौरान आप अपने प्रपोजल की स्थिति जानने हेतु एक दो बार बैंक visit कर सकते हैं. काफी कम बार इस स्टेप में आपको और कुछ दस्तावेज़ सबमिट करने के लिए कहा जा सकता हैं. लेकिन अब आपका इंतजार खतम होनेवाला हैं.

सैंक्शन लैटर और डॉक्यूमेंटेशन:

how to get home loanबैंक द्वारा प्रपोजल पर प्रोसेस होने के बाद… मुझे पता हैं आप यही सुनने के लिए बहुत दिनोसे इंतजार कर रहे हो. इस सभी प्रोसेस के बाद आपको सैंक्शन लैटर सौपा जाता हैं.. बधाई हो आपका लोन सैंक्शन हुआ हैं. दोस्तों अब लोन कैसे और किस प्रकार सैंक्शन होता हैं यह हम बैंक वालों के अंतर्गत कार्य हैं. और यह बहुत दिलचस्प प्रोसेस भी हैं लेकिन कार्य के गोपनीयता हेतु यह आपको न बताने के लिए मैं मजबूर हूँ.

बैंक के सैंक्शन लैटर में उस लोन को लेने हेतु आवश्यक सभी नियम और शर्ते दिए होते हैं. केवल सैंक्शन लैटर होना आखिरी स्टेप नहीं होता, अगर सैंक्शन लैटर में दिए नियम और शर्तो का पालन करने में आप असफल हो जाते हो तो आपका लोन अस्वीकृत समझा जाता हैं. उन नियमों और शर्तो के पालन करने हेतु बैंक आपसे कुछ घोषणापत्र, शपथपत्र और फोर्मट्स साइन करवा लेता हैं इसे डॉक्यूमेंटेशन कहा जाता हैं.

लोन का डिस्बर्समेंट:

डॉक्यूमेंटेशन पूरा होते ही बैंक लोन अकाउंट से पैसे निकाले जा सकते हैं इसे डिस्बर्समेंट कहा जाता हैं. आपको बस एक विनती पत्र देना हैं जिसमे आपको डिस्बर्समेंट के लिए आपकी संमती दर्शानी हैं. बैंक आप जिनसे प्रॉपर्टी खरीद रहे हो उनके अकाउंट पर अमाउंट भेज देता हैं. इसके बाद सेल डीड जो प्रॉपर्टी हस्तांतरण का मह्त्वपूर्ण दस्तावेज़ हैं वो किया जाता हैं.

मॉर्गेज और रजिस्ट्रार ऑफिस:

mortgage for loanआपने लोन अमाउंट से प्रॉपर्टी तो खरीद ली लेकिन यह प्रॉपर्टी अपने बैंक लोन से खरीदी हैं और यही प्रॉपर्टी आप या बिल्डर और किसी को ना बेच दे इसलिए बैंक उस प्रॉपर्टी पर अपना चार्ज बना लेता हैं. इसे ही मॉर्गेज करना कहा जाता हैं. बहुत सारे बैंक सिंपल मॉर्गेज करने के लिए जोर देते हैं. आपको यह मॉर्गेज का काम रजिस्ट्रार ऑफिस जाकर करना होता हैं. जैसे ही मॉर्गेज की प्रक्रिया पूरी हो जाती हैं आपको मॉर्गेज डीड बैंक में जमा करनी होती हैं. मॉर्गेज में भिन्न भिन्न प्रकार होते हैं. बैंक अपने लोन के सुरक्षितता हेतु उन प्रकारों में से आपको मॉर्गेज करने का सुझाव देती हैं. मॉर्गेज के लिए आपको संबंधित राज्य के अनुसार स्टम्प ड्यूटी भी भरनी होती हैं.

इन्शुरन्स:

बैंक द्वारा आपको आपके घर का इन्शुरन्स करने के लिए भी कहा जाता हैं. आपके दिया लोन का अवधि और इन्शुरन्स का अवधि लगभग एक होता हैं. दोस्तों आपको यह करना काफी जरुरी हैं. आपको अपने घर का इन्शुरन्स करके उसका एक कॉपी बैंक में जमा करना हैं.

लोन के हफ्ते भरना शुरू कीजिये:

housing loan sanction letterऔर ये रहा आखिरी स्टेप. आपका लोन सैंक्शन हो गया, अब जिम्मेदारी भरा काम आपका शुरू हो गया हैं. आपको बैंक लोन का इन्सटॉलमेंट अमाउंट फिक्स करके देता हैं आपके बिना चुके हर महीने अपने लोन का हफ्ता भरना हैं. यह आपके भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. याद रखियेगा कि लोन के हफ्ते भरने में हुई देरी आपके सिबिल स्कोर पर बुरा असर कर देती हैं. अगर आपका यह स्कोर ख़राब हो जाता हैं तो आपको भविष्य में दूसरा कोई लोन मिलने में बहुत मुश्किलें आ सकती हैं.

तो लीजिये हमने होम लोन का प्रोसेस पूरा प्रोसेस आपके सामने रख दिया, अगर फिर भी आपके मन में और कुछ सवाल हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं. आपके मदद करने में हमें बहुत ख़ुशी होगी.

यह आर्टिकल हमने हमारे पाठकों के जानकारी हेतु बनाया हैं. अलग अलग बैंक नुसार प्रोसेस में थोड़े बहुत बदलाव हो सकते हैं लेकिन प्रोसेस का पूरा ढांचा इसीप्रकार होता हैं.

केवल जानकरी हेतु लिखे गए इस आर्टिकल के साथही उस पर्टिकुलर बैंक द्वारा दिए गए निर्देशों को पढ़ना आपके लिए मददगार होगा. आपको यह सलाह देना भी हम उचित समझते हैं कि आप केवल इस आर्टिकल पर निर्भर न रहे: बैंककर्मी आपके मदद के लिए बैंक में तैयार हैं.

और दोस्तों आपको यह आर्टिकल कैसा लगा यह हमें जरुर बताना और हमारे अन्य लोन संबंधी आर्टिकल्स पढ़ने के लिए नीचे दिए गए सब्सक्रिप्शन बॉक्स में आपका ईमेल id और नाम लिखकर सबमिट कीजिये. हम आपका प्यार फेसबुक पर भी पाना चाहते हैं. हमारा फेसबुक पेज like करने के लिए यहाँ क्लीक कीजिये.

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