शिक्षक भर्ती में शासनादेश (GR) ही रुकावट..

शिक्षक भर्ती में शासनादेश (GR) ही रुकावट..

MAHA TAIT exam होकर पूरा एक महिना हो रहा है. राज्य में पहली बार शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया था. इसबार परीक्षा और उसके तुरंत बाद ही रिजल्ट यह देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे ही परीक्षा हो जाती है पात्र उम्मीदवारों को नए साल के कुछ महीनों के अन्दर अध्यापक के रूप में स्कूल पर भेजा जायेगा लेकिन अब ये सपना कब पूरा होगा और क्या ये सपना किसी मुश्किल के बिना पूरा होगा यह सवाल अब सताने लगा है.

अगर आपने अभियोग्यता परीक्षा (MAHA TAIT) के सम्बन्धी जी आर पढ़ा हो तो  शायद ये आपके समज आना चाहिए कि उसी जी आर के वजह से मुश्किले बढ़ सकती हैं. कुछ महीने पहले जारी हुए इस जीआर के कुछ पॉइंट्स आपने पढ़कर उनको अन देखा किया हो तो आपको बता दे कि यही जीआर आपके लिए मुश्किलें खडी कर सकता है.

जी आर की जो बाते पता है वो हम आपको यहाँ पर नहीं बतानेवाले पर क्या आपने पॉइंट नंबर ५.७ पढ़ा   ?

this is the point from maha tait GR which might affect teacher recruitment

यह पॉइंट स्पष्ट शब्दों में कहता है की यह परीक्षा इस जीआर के बाद ६ महीने में आयोजित की जाएगी  और प्रणाली के आवश्यकता अनुसार आगे भी ली जाएगी लेकिन  दो परीक्षाओं के बीच ४ महीनें से जादा अंतराल नहीं होगा. अब अगर यह परीक्षा होकर १ महीने हो रहा है और आनेवाले ३ महीने में यह परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है  तो आनेवाले कुछ महीने में ये परीक्षा दूसरी बार  आयोजित की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो ये बात आपके लिए मुश्किलें खडी कर देती है.

  • सबसे पहली बात यह की अगर दुबारा परीक्षा होती है तो  इससे उत्तीर्ण परिक्षार्थियो की संख्या बढ़ जाएगी. उपलब्ध पदों के तुलना में पात्र उम्मीदवारों की संख्या जादा होने से प्रतियोगिता और भी कड़ी हो जाएगी. जो इस साल exam दिए उम्मीदवार बिलकुल भी नहीं चाहते है.
  • इस परीक्षा में ही बहुत सारे परिक्षार्थियोंने नाराजगी दिखाई है कि सभी दिन परीक्षा का  कठिनाई स्तर एक जैसा नहीं था. अगर केवल ७ दिन चले इस exam की कठिनाई में इतना अंतर हो सकता है तो ४ महीने बाद होनेवाली exam में यह स्तर समान रहेगा ? क्या अलग अलग दिनों में हुए इस परीक्षा के सभी परिक्षार्थियों को एक ही तराजू पर तौलना सही रहेगा? हो सकता है आनेवाले पेपर इस से भी और कठिन हो या फिर बहुत ही आसान हो.
  • किसी भी नियम का  उलंघन करने के लिए और कोई रास्ता ढूंढ लेना हमारी विशेषता है. क्या आपको नहीं लगता की अगर इस जीआर के बाद  जादा समय बीत जाता हैं तो निजी संस्थाए अपने मनमानी करने के लिए कोई और रास्ता ढूंढ लेगी?

इसलिए हम चाहते है की आप उपर दिए बाते होने न दे. क्यों की कोई भी सरकारी काम ऐसे ही होता है. घोषणा कब की जाती है और उसपर अमल कब होता है. इस बार गवर्नमेंट द्वारा उठाये गए अच्छे कदम को सिर्फ कागज पर ही रहने न दे. इस पारदर्शी पद्धति को कागज के बजाय अपने उपलब्धी में बदलिए. ७ साल बाद होनेवाले इस भर्ती प्रक्रिया बहुत सारे मुश्किलें आयेगी पर पहली बार हम लोग इतने भारी मात्रा में इकट्ठा हुए है. यह एकता बनाए रखे और अपने हक़ के लड़ते रहिये. ७ साल चुप बैठे थे अब अपने हक़ लिए लड़िये.

आपको शायद लगता होगा की मैं इसमें क्या कर सकते है?

सबसे पहली बात कि इतने दिन जो हम सहते रहे उसमे हमारी गलती है कि हम संघटित नहीं थे. लेकिन अब हमें संघटित होना है. इस वक्त कुछ हमारे संघटन अच्छे काम कर रहे है आप उनमें प्रत्यक्ष सहभाग ले सकते है. इस संघटन से हम बड़ी मात्रा में सरकार पर दबाव डाल सकते है. अभी सक्रीय संघटन में हम DEd Bed Students Association Maharashtra का नाम ले सकते है. संघटन के माध्यम से ही हम इस  देरी के खिलाफ लड़ सकते है.

क्यों न ७ साल चुप रहने के बाद इस साल अपने हक़ के लिए संगठित हो जाये. हम यह संगठन ना तो किसी पोलिटिकल पार्टी के खिलाप या पक्ष में बनायेंगे, हम इसे बनायेंगे अपने हक़ के लिए.

इसके साथ ही हम लोग नए ज़माने के कुछ नए तरीको का भी इस्तेमाल कर सकते है. सोशल मीडिया यह एक महत्वपूर्ण माध्यम है. आप में से बहुत सारे लोग इस माध्यम के जरिये इस को विषय राज्य भर में चर्चा में ला सकते हो. यदि आपको लगता है की आप अकेले क्या कर सकते हो ? लेकिन हम में से हर एक ने सोचा तो हम क्या नहीं कर सकते ? अगर उदहारण के तौर पर बताये तो  हम अपने कार्टून्स के जरिये हमारे दोस्तों की इस समस्या को सरकार तक  पहुँचाना चाहते है, और हाँ दोस्तों यह संभव है क्योकि अगर हमारी बनायीं कार्टून्स (हमारी लोकप्रिय कार्टून्स ) केवल कुछ ही दिनों में  आप में से १५००० लोगो तक पहुँचती है तो ये आवाज उनतक क्यों नहीं पहुंचेगी जो हमारी सुनना नहीं चाहते? आप भी सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत कुछ कर सकते है.. आप भी कार्टून्स बना सकते हो.. शिक्षा मंत्री को ओपन लैटर लिख सकते हो.. अपने विचार लिख सकते हो.. और कुछ नहीं तो कम से कम शेअर तो कर सकते हो.. आप उनको अपने पोस्ट के माध्यम से आपका कहना उनतक पहुंचा सकते हो.. आपकी यह एकता और आपकी नाराजगी आपको सोशल मीडिया जैसे माध्यम से दिखाना पड़ेगी.

हम तो एक कदम आगे ले चुके है क्या भी एक कदम हमारे साथ अपने भविष्य के लिए लेना चाहोगे ? क्या आप भी हमसे इस सफ़र में जुड़ना चाहोगे ? अगर आपका जवाब हाँ है तो निचे दिए हुए फॉर्म में ईमेल ID इंटर करिए और हमारे साथ जुड़ जाईये. हमारा ये आर्टिकल अपने जादा से जादा दोस्तों तक पहुंचायिये ताकि अपने भविष्य से जुडी इस समस्या के समाधान कार्य में वे भी जुड़ जाये.

(दोस्तों, शिक्षक भर्ती पर आखिरी के कुछ दिनों से हम लिख रहे है, हमने हमारे कुछ पाठको से शिक्षक भर्ती सम्बन्धी समस्याओके बारे में अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए कहा था और उसमे हमें काफी वास्तववादी विचार मिले है, उपर लिखा आर्टिकल ऐसे ही हमारे एक दोस्त ने हमें भेजे प्रतिक्रिया पर आधारित है अगर आपके भी ऐसे कुछ विचार है तो  हमें जरुर लिखियेगा , हमें वो प्रकाशित करने में बड़ी ख़ुशी होगी)

जो पाठको को हमारे उन लोकप्रिय कार्टून्स के बारे में पता न हो वो यहाँ क्लिक करके कार्टून्स देख सकते है https://sbfied.com/cartoon/325/

14 thoughts on “शिक्षक भर्ती में शासनादेश (GR) ही रुकावट..”

  1. संतोष मगर

    आपण खूप चांगली माहिती बेरोजगार पर्यंत पोहचवलेली आहे आता गरज आहे आपल्या एकजुटीची, नक्कीच मी आपल्या संघटनेचा अध्यक्ष म्हणून आपण माज्याकडून जी अपेक्षा केली आहे ती पूर्ण करण्याचा प्रयत्न करत आहे पन याला आपली सर्वांची साथ हवी आहे, आपण टाकलेली पोस्ट वाचली संघटना आपली आभारी आहे आता भविष्यात आपली एकजूट आता महत्वाची.

    आपलाच
    संतोष मगर
    अध्यक्ष
    डी टी एड बी एड स्टुडन्ट असोसिएशन
    महाराष्ट्र
    मोब-989081694

    1. Dear Sir,
      पीड़ित DED BED दोस्तों के लिए हम हमेशा लड़ते आए हैं और आगे भी लड़ेंगे लेकिन आपके संगठन में जो ताकत हैं वो ही सबसे महत्वपूर्ण हैं, आपके संगठन का कम तारीफे काबिल हैं. हम इस समस्या में आपके ऐसे ही कार्य की अपेक्षा हमारे एडमिन टीम के तरफ से करते हैं.

  2. i agree with u sir,we have few days to act against gov. the gov. must fill up vacancies before upcoming mahatait.

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